⚕️ नीचे दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हों तो हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
भारत में 26.8 करोड़ तंबाकू उपयोगकर्ता हैं। यदि आप GLP-1 दवा ले रहे हैं और धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करते हैं, तो यह तीन खतरे एक साथ हृदय जोखिम को नाटकीय रूप से बढ़ा देते हैं।
WHO डेटा के अनुसार, धूम्रपान करने वाले मधुमेह रोगियों में:
निकोटिन हाइपोथैलेमस में भूख-दबाने वाले रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है। धूम्रपान छोड़ने के बाद अधिकांश लोगों का वजन बढ़ता है — पहले वर्ष में औसतन 4–5 kg।
यहीं GLP-1 दवाएं सबसे अधिक उपयोगी हैं। GLP-1 की भूख दबाने वाली क्षमता धूम्रपान छोड़ने के बाद आने वाले वजन को रोक सकती है।
उभरते शोध से पता चल रहा है कि GLP-1 दवाएं धूम्रपान की लालसा को भी कम कर सकती हैं। मस्तिष्क का इनाम सर्किट (मेसोलिम्बिक डोपामाइन सिस्टम) जो नशे की लालसा नियंत्रित करता है, उसमें GLP-1 रिसेप्टर्स पाए गए हैं।
2024 के Nature Medicine अध्ययन में GLP-1 दवा उपयोगकर्ताओं में तंबाकू-संबंधी अस्पताल में भर्ती की दर काफी कम थी।
बीड़ी: सिगरेट की तुलना में अधिक टार और कार्बन मोनोऑक्साइड। हृदय रोग और फेफड़े के कैंसर का जोखिम सिगरेट के समान या अधिक। "प्राकृतिक" होने का मतलब सुरक्षित नहीं है।
गुटखा और पान मसाला: भारत में बहुत प्रचलित। ये मुख कैंसर और ओसोफेगल कैंसर का बहुत अधिक जोखिम लाते हैं। GLP-1 दवाओं के साथ मुंह में कोई बदलाव तुरंत डॉक्टर को बताएं।
हुक्का: एक सत्र 40–50 सिगरेट के समान निकोटिन और विषाक्त पदार्थ दे सकता है। "सुरक्षित" नहीं है।
GLP-1 दवा धूम्रपान छोड़ने के बाद आए वजन को कम करने में विशेष रूप से प्रभावी है।
इसे छोड़ने से वजन नहीं बढ़ता (सिगरेट की तरह नहीं)। कैंसर के जोखिम के लिए AIIMS, Tata Memorial, या जिला कैंसर अस्पताल में परामर्श लें।
धूम्रपान करने वाले GLP-1 उपयोगकर्ताओं को:
कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।