⚕️ नीचे दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हों तो हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
**कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर मिलें।**
भारत में 25–40% शहरी लोगों को NAFLD (नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग) है। मोटापे और टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में यह 50–70% तक है — और अधिकांश लोगों को पता भी नहीं होता।
लिवर में अत्यधिक चर्बी जमा होना (शराब के बिना)। यह इस क्रम में बढ़ता है:
1. **साधारण फैटी लिवर** — उलटा हो सकता है
2. **NASH** (सूजन + लिवर क्षति) — सावधानी जरूरी
3. **NASH + फाइब्रोसिस** — घाव बनना शुरू
4. **सिरोसिस** — गंभीर, अपरिवर्तनीय क्षति
*NEJM* (2021) में प्रकाशित Phase 2 ट्रायल में: **सेमाग्लूटाइड से 59% मरीजों में NASH का histological resolution** (बायोप्सी से पुष्टि)। Phase 3 ESSENCE ट्रायल के परिणाम जल्द आने वाले हैं।
भारतीयों में पेट की चर्बी (visceral fat) अधिक जमती है, भले ही BMI कम हो। AIIMS के शोध के अनुसार, भारतीय अनुवांशिक रूप से NAFLD के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
अपने डॉक्टर से मांगें:
| जांच | कब | लक्ष्य |
|---|---|---|
| LFT | शुरू, 3 महीने, 6 महीने | ALT/AST सामान्य हो |
| ट्राइग्लिसराइड | शुरू, 6 महीने | <150 mg/dL |
| पेट अल्ट्रासाउंड | शुरू, 12 महीने | फैटी लिवर ग्रेड कम हो |
यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।