⚕️ नीचे दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हों तो हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट — सेमाग्लूटाइड, टिर्जेपेटाइड, लिराग्लूटाइड — भारत में CDSCO द्वारा टाइप 2 डायबिटीज के लिए अनुमोदित हैं। टाइप 1 डायबिटीज के लिए ये अनुमोदित नहीं हैं, लेकिन भारतीय एंडोक्रिनोलॉजिस्ट कुछ चुनिंदा मरीजों को ऑफ-लेबल प्रिस्क्राइब करते हैं।
किसी भी दवा शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करें।
GLP-1 से गैस्ट्रिक खाली होना धीमा होता है, जिससे पहले से ली गई इंसुलिन अधिक हो सकती है। इंसुलिन खुराक डॉक्टर की सलाह से समायोजित करें — खुद न करें।
टाइप 1 मरीजों में यह सबसे गंभीर जोखिम है। इंसुलिन बहुत कम होने पर DKA हो सकता है — यहाँ तक कि "यूग्लाइसेमिक DKA" जिसमें ब्लड शुगर सामान्य दिखती है।
DKA के चेतावनी संकेत:
GLP-1 इंसुलिन का विकल्प नहीं है। टाइप 1 में इंसुलिन हमेशा जरूरी रहेगा।
| पैरामीटर | आवृत्ति |
|---|---|
| रक्त ग्लूकोज | दिन में 4-6 बार (CGM बेहतर) |
| रक्त कीटोन | दैनिक शुरुआत में |
| वजन | साप्ताहिक |
| इंसुलिन खुराक | हर 2-4 सप्ताह डॉक्टर के साथ |