⚕️ नीचे दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हों तो हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
सीलिएक रोग (Celiac Disease) एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें गेहूं, जौ, और राई में पाया जाने वाला प्रोटीन "ग्लूटेन" छोटी आंत को नुकसान पहुंचाता है। भारत में अनुमानत: 50-80 लाख लोग इससे पीड़ित हैं — अधिकतर उत्तर भारत में।
कोई भी दवाई शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। जांच से पहले ग्लूटेन बंद न करें।
| पोषक तत्व | सीलिएक जोखिम | GLP-1 जोखिम | संयुक्त |
|---|---|---|---|
| आयरन | अधिक | मध्यम | बहुत अधिक |
| B12 | अधिक | अधिक | बहुत अधिक |
| विटामिन D | अधिक | मध्यम | अधिक |
| जिंक | मध्यम | अधिक | अधिक |
GLP-1 शुरू करने से पहले और हर 6 महीने में CBC, B12, Ferritin, Vitamin D, tTG-IgA जांच ज़रूरी है।
सुरक्षित: चावल, ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, सभी दालें, सब्ज़ियां, फल, दूध-दही-पनीर, मांस-मछली-अंडे
ग्लूटेन युक्त (बचें): गेहूं का आटा, मैदा, सूजी/रवा, ब्रेड, बिस्किट, नान, भटूरे, अधिकांश सोया सॉस
रागी में कैल्शियम भरपूर (364mg/100g) — सीलिएक मरीज़ों में हड्डी मज़बूती के लिए आदर्श।
Q: सीलिएक नियंत्रण में है — GLP-1 शुरू कर सकते हैं? A: हां, लेकिन हर 6 महीने में पोषण जांच कराएं और B12, आयरन, विटामिन D सप्लीमेंट लेते रहें।
Q: tTG-IgA अभी भी बढ़ा हुआ है — GLP-1 सुरक्षित है? A: नहीं — पहले ग्लूटेन-फ्री डाइट से नियंत्रण प्राप्त करें, फिर GLP-1 शुरू करें।