⚕️ नीचे दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हों तो हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
किसी भी दवा या आहार परिवर्तन से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
उत्तराखंड की पहाड़ी खानपान परंपरा — गहत, भट्ट, मंडुआ, झंगोरा, और कुट्टू — GLP-1 दवाओं (ओज़ेम्पिक, विक्टोज़ा) के साथ बेहतरीन काम करती है। ये प्राचीन अनाज और दालें प्रोटीन से भरपूर, कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली, और आसानी से पचने वाली हैं।
| खाना | प्रोटीन (प्रति सर्विंग) |
|---|---|
| गहत / घोड़ा चना दाल (1 कप पकी) | 20–22 ग्राम |
| भट्ट / काला सोयाबीन (1 कप पका) | 22–25 ग्राम |
| मंडुआ/रागी रोटी (2 मध्यम) | 8–9 ग्राम |
| पहाड़ी ट्राउट मछली (150 ग्राम) | 30–34 ग्राम |
| भांग चटनी (2 बड़े चम्मच) | 5–6 ग्राम |
| पहाड़ी दही (150 ग्राम) | 7–8 ग्राम |
| भोजन | क्या खाएं | अनुमानित प्रोटीन |
|---|---|---|
| सुबह 8 बजे | 2 मंडुआ रोटी + पहाड़ी दही (150 ग्राम) + भांग चटनी (1 चम्मच) | 18–20 ग्राम |
| सुबह 11 बजे | 1 गिलास छाछ + काला नमक + जीरा | 6–7 ग्राम |
| दोपहर 1 बजे | गहत दाल (1 कप) + 1 मंडुआ रोटी + पालक सब्जी | 25–28 ग्राम |
| शाम 5 बजे | भुने भट्ट के बीज / चने | 8–10 ग्राम |
| रात 7:30 बजे | ट्राउट मछली / भट्ट की चुड़कानी + आधा कप झंगोरा खिचड़ी | 28–32 ग्राम |
किसी भी दवा शुरू करने या बड़े आहार बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें।