⚕️ नीचे दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हों तो हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
महाराष्ट्र का खाना वैविध्यपूर्ण है — विदर्भ की दालें, कोंकण का समुद्री खाना, और मुंबई का स्ट्रीट फूड। GLP-1 दवाइयों (Ozempic, Mounjaro) पर यह खाना बेहतरीन हो सकता है।
कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
| खाना | प्रोटीन (लगभग) |
|---|---|
| मटकी उसल (1 कटोरी) | 11–13 g |
| ज़ुणका | 9–10 g |
| थालीपीठ (2 पीस) + दही | 16–18 g |
| सुरमई मछली (150 g) | 35–38 g |
| बांगड़ा मछली (150 g) | 30 g |
| कोल्हापुरी चिकन (150 g) | 38–40 g |
मटकी उसल (फरसाण के बिना): मटकी को रात भर अंकुरित करें, हल्का प्रेशर कुक करें, गोडा मसाला के साथ बनाएं। ऊपर से तला हुआ फरसाण न डालें। प्रोटीन: 11–13 g।
थालीपीठ: भाजनी आटे (जोवार + बाजरा + चना दाल + उड़द दाल + गेहूं का मिश्रण) से बनाएं। सफेद रोटी से कहीं बेहतर — कम GI, ज़्यादा प्रोटीन।
ज़ुणका: 4 tbsp बेसन को तड़के के साथ बनाएं। 9–10 g प्रोटीन। जोवार भाकरी के साथ खाएं।
बांगड़ा रेचाड: 2 बांगड़ा मछली को रेचाड मसाले में मैरीनेट करके 1 tsp तेल में shallow-fry करें। प्रोटीन: 48–54 g।
उसल और मिसल का आटा बेहतरीन है — सिर्फ फरसाण (तला हुआ) और पाव (मैदे की ब्रेड) हटाएं। सोलकढ़ी पाचन में मदद करती है। मूंगफली एक अच्छा snack है (50 g में 9–10 g प्रोटीन)। जोवार-बाजरा भाकरी चावल से बेहतर है।
वड़ा पाव, पूरी भाजी, चकली और तला हुआ फरसाण नियमित रूप से न लें। पुरण पोली और मोदक त्योहारों तक सीमित रखें।
कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।