⚕️ नीचे दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हों तो हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
महत्वपूर्ण: कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की आदिवासी खानपान परंपरा (संताली, गोंडी, उरांव, हो समुदाय) प्रोटीन से भरपूर, प्रकृतिक, और जीएलपी-1 दवाओं के साथ बेहद अनुकूल है।
रुगड़ा मशरूम (दीमक मशरूम) — झारखंड का सबसे अनोखा मशरूम। सूखे वजन में 25–30 ग्राम प्रोटीन प्रति 100 ग्राम। बरसात में हाट बाज़ारों में 100–200 रुपये प्रति किलो मिलता है।
बांस के अंकुर (बांस कली) — बहुत कम कैलोरी (27 kcal/100g), उच्च फाइबर। किण्वित रूप (हेंडुआ) में प्रोबायोटिक लाभ।
नदी की मछली — रोहू, तिलापिया, महासीर। 100 ग्राम में 18–22 ग्राम प्रोटीन। केले के पत्ते में भाप में पकाना सबसे अच्छा तरीका।
देसी मुर्गा — ब्रॉयलर से कम वसा, अधिक प्रोटीन। 100 ग्राम में 25–28 ग्राम प्रोटीन।
चापड़ा चटनी (लाल चींटियों की चटनी) — छत्तीसगढ़ की विशेषता। चींटियों में 50–60% प्रोटीन। 1 चम्मच में 3–4 ग्राम प्रोटीन, लगभग शून्य कैलोरी।
बन साग (जंगली हरी सब्जियां) — चक्की पाता, चौलाई, मोरिंगा पत्तियां — विटामिन और खनिजों से भरपूर।
| खाद्य पदार्थ | मात्रा | कैलोरी | प्रोटीन |
|---|---|---|---|
| रुगड़ा मशरूम | 200g | 30 | 7g |
| भाप में नदी की मछली | 200g | 160 | 38g |
| देसी मुर्गा | 150g | 220 | 38g |
| बांस के अंकुर | 150g | 40 | 4g |
| मोरिंगा पत्तियां | 100g | 64 | 9g |