⚕️ नीचे दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हों तो हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
भारतीय रसोई में तेल और घी का बेहद महत्व है। GLP-1 दवाओं (जैसे Ozempic और Mounjaro) पर तेल का सही चुनाव और सही मात्रा — दोनों ज़रूरी हैं।
किसी भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
GLP-1 दवाएं पाचन को धीमा करती हैं। तले-भुने और बहुत तैलीय खाने पर यह असर और बढ़ जाता है — जिससे मतली, डकार, और पेट की बेचैनी घंटों तक बनी रह सकती है।
मुख्य नियम: हर खाने में 1 चम्मच तेल से पकाएं, न कि 3–4 चम्मच।
| तेल | खासियत | GLP-1 पर सिफारिश |
|---|---|---|
| देसी घी | बट्यूरेट, आंत के लिए फायदेमंद | 1–2 चम्मच/दिन, सिर्फ गार्निश के लिए |
| सरसों का तेल | तेज़ स्वाद, एंटी-इंफ्लेमेटरी | 1–2 चम्मच/खाने में |
| नारियल तेल | MCT फैट, दक्षिण भारतीय व्यंजन | 1–2 चम्मच/खाने में |
| मूंगफली तेल | न्यूट्रल, बहुउद्देश्यीय | 1–1.5 चम्मच/खाने में |
| तिल का तेल | एंटीऑक्सीडेंट, दक्षिण भारत | गार्निश और तड़के के लिए |
| राइस ब्रान तेल | ऑरिज़ानोल, बैलेंस्ड फैट | 1–1.5 चम्मच/खाने में, सर्वोत्तम रिफाइंड |
| एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल | पॉलीफेनोल, दिल के लिए अच्छा | सलाद और हल्के खाने के लिए |
देसी घी: थोड़ा घी (1–2 चम्मच/दिन) पूरी तरह सुरक्षित है। दाल या रोटी पर डालने से अधिक स्वाद मिलता है और पाचन का बोझ कम होता है। घी में तलना — जैसे पूरी बनाना — GLP-1 पर भारी पड़ सकता है।
सरसों का तेल: तेज़ स्वाद के कारण कम मात्रा में ही काम चल जाता है। बंगाली और राजस्थानी रसोई में इसका उपयोग बिल्कुल सही है।
नारियल तेल: दक्षिण भारतीय खाने में 1–2 चम्मच बिल्कुल ठीक है। ट्रेंड में "कॉफी में नारियल तेल" जैसी चीज़ें GLP-1 पर नुकसानदायक हो सकती हैं।