⚕️ नीचे दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सा स्थिति के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हों तो हमेशा अपने चिकित्सक या अन्य योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें।
जीएलपी-1 उपयोगकर्ताओं के लिए बिहारी उच्च-प्रोटीन भोजन: पारंपरिक दाल-आधारित आहार पर स्मार्ट खान-पान
जीएलपी-1 उपयोगकर्ताओं के लिए बिहारी उच्च-प्रोटीन भोजन
बिहारी खाना सत्तू, दाल, मछली और सरसों साग पर आधारित है — जो जीएलपी-1 दवा (Ozempic, Saxenda, Mounjaro) लेने वालों के लिए एक बेहतरीन आहार हो सकता है।
किसी भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
बिहार के सर्वश्रेष्ठ प्रोटीन स्रोत
| खाना | मात्रा | प्रोटीन |
|---|
| सत्तू (भुना चना का आटा) | 100 ग्राम | 22 ग्राम |
| चना दाल | 100 ग्राम (पकी) | 9 ग्राम |
| अरहर/तूर दाल | 100 ग्राम (पकी) | 8 ग्राम |
| मसूर दाल | 100 ग्राम (पकी) | 9 ग्राम |
| रोहू/कतला मछली | 100 ग्राम | 17-18 ग्राम |
| अंडा | 1 बड़ा | 6 ग्राम |
| मखाना | 100 ग्राम | 9 ग्राम |
| भुना चना | 100 ग्राम | 9 ग्राम |
5 बेहतरीन जीएलपी-1-फ्रेंडली बिहारी व्यंजन
- सत्तू शरबत — 4 बड़े चम्मच सत्तू + नींबू + सेंधा नमक + पानी — 20 ग्राम प्रोटीन, मतली के दिनों के लिए आदर्श
- चना दाल सरसों साग के साथ — गाढ़ी दाल + पौष्टिक साग — 12 ग्राम प्रोटीन
- बिहारी मछली झोल — रोहू या कतला की हल्की करी — 20 ग्राम प्रोटीन
- लिट्टी-चोखा (घी कम) — बेक किया हुआ लिट्टी + भुंजा बैगन चोखा — 16 ग्राम प्रोटीन
- पिट्ठा (भाप में पका) — उड़द दाल भरा चावल का पकौड़ा — 14 ग्राम प्रोटीन
दैनिक भोजन योजना
- सुबह: सत्तू शरबत + 1 उबला अंडा
- दोपहर: चना दाल + अरहर दाल + 1 फुलका + साग
- शाम: मखाना या भुना चना
- रात: मछली झोल + थोड़ा चावल + सब्जी
जरूर खाएं
- सत्तू: बिहार का सबसे बड़ा प्रोटीन रहस्य
- मखाना: बिहार का गर्व — 9 ग्राम प्रोटीन/100 ग्राम, बहुत हल्का
- भुना चना: सस्ता, पौष्टिक, कहीं भी उपलब्ध
- बथुआ, मेथी, सरसों साग: सर्दियों में आयरन और फाइबर के लिए
क्या कम करें
- घी में डूबी लिट्टी
- ठेकुआ और मीठे खाजा
- बहुत अधिक सफेद चावल
यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है।